जानें क्रोध (anger )कैसे हमारे स्वास्थ्य को हानि पहुंचाता है।

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“क्रोध एक जहर के समान है … यह आपको अंदर से खा जाता है … हमें लगता है कि किसी से नफरत या क्रोध करने से हमने उन्हें चोट पहुंचाई है … लेकिन यह एक गोल ब्लेड की तरह  है … जितना नुकसान हम दूसरों को पहुंचाते हैं … उतना ही हम अपने आप को भी पहुंचा रहे हैं । ” – मिच एल्बॉम

यदि आप अपना आपा बार-बार खो देते हैं, तो यह हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव डालता है चलिए जानते हैं –

गुस्से का प्रकोप दिल के स्वास्थ्य को जोखिम में डालता हैक्रोध का प्रकोप सबसे ज्यादा हृदय पर होता है। हृदय रोगी के लिए अत्यधिक क्रोध हार्ट अटैक का खतरा दोगुना कर देता है। 

दबाया गया क्रोध – एक अध्ययन में पाया गया है कि क्रोध का अप्रत्यक्ष रूप से व्यक्त करना या इसे लम्बी अवधि तक दबाये रखना – हृदय रोग से जुड़ा हुआ है। वहीं यह भी पाया गया की व्यक्तित्व विशेषता के रूप में क्रोध की प्रवृत्ति वाले लोगों में कम गुस्सा करने वालों की तुलना में कोरोनरी रोग का जोखिम दोगुना होता है।

नियंत्रण खोने से पहले अपनी भावनाओं को पहचानें और व्यक्त करें। जब आप उस व्यक्ति से सीधे बात करते हैं जिससे आप नाराज हैं लेकिन  समस्या को सुलझाने में हताशा होते हैं – यह हृदय रोग से जुड़ा नहीं है। यह वास्तव में एक बहुत ही सामान्य और स्वस्थ भावना है।

क्रोध स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाता हैएक अध्ययन में पाया गया कि गुस्से के प्रकोप के बाद दो घंटों के दौरान मस्तिष्क में रक्त के थक्के से स्ट्रोक होने या मस्तिष्क के भीतर रक्तस्राव होने का जोखिम तीन गुना अधिक बढ़ जाता है ।

इन परिस्थितियों से बचने के लिए क्रोध के विस्फोटों को नियंत्रित करना सीखें। सकारात्मक रूप से इसका मुकाबला करने के लिए, आपको पहले स्थिति के कारण का पता लगाना है और फिर उसके अनुसार अपनी प्रतिक्रिया को बदलना होगा।अपना आपा खोने के बजाय,कुछ गहरी साँस लें, स्वीकारात्मक वार्तालाप का उपयोग करें। आपको अपने वातावरण को बदलने और उस परिथिति से कुछ समय के लिए दूर हो जाने की भी जरूरत हो सकती है।

क्रोध हमारे इम्यून सिस्टम को कमजोर करता हैयदि आप हर समय क्रोध से पागल रहते हैं, तो आप ज्यादातर बार अपने आप को बीमार महसूस कर सकते हैं। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पाया कि कुछ स्वस्थ लोगों में, बस अपने अतीत से एक गुस्से वाले अनुभव को याद करना, एंटीबॉडी इम्युनोग्लोबुलिन ए  (कोशिकाओं की संक्रमण के खिलाफ रक्षा का पहला चरण ) के स्तर में छह घंटे की गिरावट का कारण बना। इस प्रकार बार बार क्रोध करने पर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर होता जाता है।

क्रोध हमारे पाचन तंत्र को भी कमजोर करता है। कई बार यह माइग्रेन का कारण भी बन सकता है। कई लोग क्रोध की समस्या होने पर थकावट और सिरदर्द महसूस करते हैं। 

क्रोध की समस्याएं तनाव को और भी बदतर बना सकती हैं –  2012 में कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने पाया कि क्रोध सामान्यीकृत चिंता विकार (जीएडी) के लक्षणों को तेज कर सकता है, एक ऐसी स्थिति जो अत्यधिक और बेकाबू चिंता की स्थिति है ,जो किसी व्यक्ति के दैनिक जीवन में हस्तक्षेप करती है। जीएडी के साथ लोगों में न केवल उच्च स्तर का क्रोध पाया गया , बल्कि शत्रुता – विशेष रूप से आंतरिक, अप्रसन्नता भी पाई गयी।  क्रोध ने  जीएडी के लक्षणों की गंभीरता को बड़ा दिया।

क्रोध को अवसाद के साथ भी जोड़ा जाता हैकई अध्ययनों ने अवसाद को आक्रामकता और क्रोध के प्रकोप के साथ जोड़ा है। क्रोध के साथ अवसाद से जूझ रहे व्यक्ति को व्यस्त रहना चाहिए और स्थिति के बारे में नहीं सोचना चाहिए।

कोई भी गतिविधि जिसमे आप पूरी तरह से अन्तर्लीन हो जाएँ , क्रोध को भगाने का एक अच्छा इलाज है, जैसे कि कोई खेल खेलना चुने या ड्राइविंग इत्यादि जो आपका  ध्यान वर्तमान क्षण से हटा दे। 

कड़वाहट आपके फेफड़ों को नुक्सान पहुंचा सकती है –यदि आप सदा क्रोधित रहते हैं एवं कड़वाहट भर कर रखते हैं , तो आप अपने फेफड़ों को नुक्सान पहुँचा सकते हैं। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के एक समूह ने अध्यन में पाया की क्रोध और कड़वाहट फेफड़ों के कार्य में बदलाव करती है, फेफड़ों की क्षमता को ख़राब करती है। जिससे  श्वसन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है । 

क्रोध आपके जीवन को कम कर सकता है – तनाव और क्रोध बहुत दृढ़ता से हमारे स्वास्थ्य के साथ जुड़ा हुआ है। यदि आप तनावग्रस्त और क्रोधित रहते हैं, तो आप अपने जीवनकाल को कम कर रहे हैं ,एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग गुस्से में रहते हैं, उनके जीवन की अवधि कम होती है। जो लोग खुश रहते हैं वे स्वस्थ्य और लम्बा जीवन जीते हैं। 

क्रोध के इन दुष्परिणामों को देकते हुए हमें इससे दूर रहना चाहिए।

गुस्से को कुछ ही पलों में कंट्रोल कैसे करें?

अगर चीजें बहुत उग्र हो जाएं तो ब्रेक लें यदि आपका गुस्सा नियंत्रण से बाहर होना शुरू हो गया है, तो कुछ मिनटों के लिए या जब तक यह आप शांत नहीं हो जाते हैं , तब तक खुद को उस स्थिति से दूर कर ले। बिना किसी चिड़चिड़ाहट या गुस्से के आगे बढ़ने के लिए कुछ समय का शांत समय आपको स्थिति को संभालने में मदद करेगा।

बोलने से पहले सोचें – इस क्षण के उग्र क्रोध में बोले गए शब्दों पर आपके बाद में पछतावा होने से अच्छा है। कुछ भी कहने से पहले अपने विचारों को एकत्र करने के लिए कुछ क्षण लें- और दूसरों को भी स्थिति में शामिल होने का मौका दें।  

तनावग्रस्त मांसपेशियों की मालिश करेंजब आप गुस्से का अनुभव करते हैं तो आपकी मांसपेशियां तनावग्रस्त हो जाती हैं। तनावग्रस्त क्षेत्र को आराम देने से आपको बेहतर महसूस करने में मदद मिलेगी। अपने कंधों को घुमाने की कोशिश करें या धीरे-धीरे गर्दन और सिर की मालिश करें।

धीरे-धीरे 10 तक गिनती गिनेंदिमाग का भावनाओं से ध्यान हटाने के लिए एक से दस तक गिने और गिनती पर ध्यान दें। यदि आप अभी भी नियंत्रण से बाहर महसूस करते हैं जब तक आप 10 तक पहुंचते हैं, तो फिर से गिनती शुरू करें।

ये उपाय अल्पकाल के लिए स्थिति को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं,

लंबे समय के लिए क्रोध प्रबंधन के ऊपर कैसे काम करें?

सबसे पहले क्रोध के कारण को जानेअपने आप से पूछें कि वास्तव में क्रोध का कारण क्या है ? आमतौर पर कारण बहुत छोटा होता है जिसे हमारे दिमाग ने बढ़ा दिया है। शायद किसी का गुस्सा किसी और पर निकाल दिया या यह दुःख, शर्मिंदगी, या अपराधबोध की अन्य भावनाएं हों जिन्होंने क्रोध का मास्क लगा लिया हो । कारण बहुत से हो सकते हैं, हताशा के वास्तविक स्रोतों के बारे में जानना आवश्यक है तभी बेहतर संवाद करने और संकल्प के लिए एक सहायक दृष्टिकोण का उपयोग करने में मदद मिलेगी ।

अन्य कारणों का पता लगाएं घटनाओं के कारणों को जानने से आपको अपने पर्यावरण पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। आप अपनी दिनचर्या को देखकर और चिड़चिड़ेपन या क्रोधी भावनाओं के कारण वाली गतिविधियों, लोगों, स्थानों या स्थितियों की पहचान करने की कोशिश करें। जब आप अपने क्रोध के कारण की पहचान कर लेंगे , तो आप उनसे बचने के तरीकों के बारे में सोच सकेंगे। स्थितियों को अलग तरह से देखने की कोशिश करें, वैकल्पिक दृष्टिकोण की तलाश करें ताकि आप गुस्से को महसूस न करें।

गुस्से से निपटने के लिए उपयोगी तरीके अपनाएंजब हम गुस्से में होते हैं, तो हम समस्या को हल करने के बजाय समस्या पर ध्यान केंद्रित करते हैं। अतीत में जाने और दोष देने के बजाय, वर्तमान क्षण पर ध्यान देने की कोशिश करें। क्षमा करने में सक्षम होने से आपको स्थिति को सुलझाने  में मदद मिलेगी। ब्रिस्क वॉकिंग, म्यूजिक सुनने इत्यादि जैसे फिजिकल कामों में व्यस्त रहने अवं मैडिटेशन करने से गुस्से को काबू में रखने में मदद मिलेगी ।

यह सोचकर की गुस्सा आपके स्वास्थ्य को नुक्सान पहुंचा रहा है ,शांत रहने की कोशिश करेंअपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल , तनाव को कम करने और क्रोध को बढ़ने से रोकने में मदद करेगी । यदि आपके तनाव या क्रोध का स्तर बहुत ज्यादा है , तो आपको अपने स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए अधिक संघर्ष करने की आवश्यकता हैं। माइंडफुलनेस मेडिटेशन, प्रोग्रेसिव मसल्स रिलैक्सेशन या डीप ब्रीदिंग जैसे रिलैक्सेशन तकनीक का अभ्यास करें। इससे आप शांत महसूस करेंगे।

क्रोध प्रबंधन थेरेपी (Anger Management Therapy) – इन उपायों के बाद भी यदि आपका गुस्सा नियंत्रण से बाहर है या आपके रिश्तों को प्रभावित कर रहा है, तो आपको अधिक मदद की आवश्यकता है। आप क्रोध प्रबंधन थेरेपी की सहायता ले सकते हैं। वे आपके गुस्से के पीछे के कारणों का पता लगाने और ट्रिगर्स की पहचान करेंगे । थेरेपी आपको प्रबंधन कौशल सीखने और अभ्यास करने के लिए एक सुरक्षित स्थान भी प्रदान करती है।

अपने मस्तिष्क को न्यूरोफीडबैक का उपयोग करके प्रशिक्षित करें – मस्तिष्क प्रशिक्षण एक अलग तरीके से क्रोध से निपटने में सहायता करता है। क्रोध को प्रबंधित करने की कोशिश करने के बजाय, न्यूरोफीडबैक मस्तिष्क प्रशिक्षण सीधे क्रोध की भावना को लक्षित करता है। यह मस्तिष्क के कुछ क्षेत्रों को स्थिर और शांत करके काम करता है जो कि अनियमित हैं -इन्ही कारणों से क्रोध अनियंत्रित होता है। मस्तिष्क प्रशिक्षण नियंत्रण को बढ़ाता है , और भावनात्मक प्रतिक्रिया (क्रोध, क्रोध चिड़चिड़ापन), मांसपेशियों में तनाव और नकारात्मक विचारों को कम करता है।

क्या क्रोध का उपयोग अच्छे के लिए भी किया जा सकता है?

क्या क्रोध हमेशा विनाशकारी होता है, या क्रोध को ध्यान केंद्रित, नियंत्रित, लाभदायक और यहां तक कि रचनात्मक भी किया जा सकता है? क्रोध हमें हमारी कमियों और दोषों की याद दिलाता है। क्या यह हमें शक्ति दे सकता है? हां, अगर हम अपने तनाव को सफलतापूर्वक प्रबंधित करना सीखते हैं, अपने नकारात्मक विचारों को सकारात्मक में कैसे बदलें ,और कैसे क्षमा करें। उचित रूप से व्यक्त किया गया गुस्सा संबंधों का निर्माण कर सकता है।

कभी-कभी तो क्रोध हमारे लिए अच्छा हो सकता है, अगर इसे स्वस्थ तरीके से व्यक्त किया जाए। वास्तव में, गुस्सा कुछ लोगों को अधिक तर्कसंगत रूप से सोचने में मदद कर सकता है। लेकिन जब आप इसे लंबे समय तक पकड़ कर रखते हैं और अंदर ही अंदर दबा देते हैं ,फिर एक दम से क्रोध में विस्फोट होता है ,तो इस प्रक्रिया का बार बार होना हमारे स्वास्थ्य पर कहर बरपा सकता है।

उपयुक्त तरीके से क्रोध व्यक्त करना वास्तव में क्रोध का एक स्वस्थ रूप है। यदि कोई आपके अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो आपको उन्हें बताने की आवश्यकता है। लोगों को बताएं कि आप क्यों नाराज़ हैं और आपको क्या चाहिए।

अपने गुस्से को उचित तरीके से काबू पाने पर न केवल हम बेहतर महसूस करते हैं , बल्कि आपको संघर्षों को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने और अपने रिश्तों को मजबूत करने में भी सफल होते हैं। क्रोध को नियंत्रित करना सीखना कई बार हमारे लिए एक चुनौती होती है। क्रोध प्रबंधन में हम माहिर अभ्यास द्वारा होते हैं ,जितना अधिक हम अभ्यास करते हैं, उतना यह आसान हो जाता है।

Kusum Kaushal
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