एकाग्रता और फोकस बढ़ाने के तरीके

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ज्यादातर लोगों के लिए एकाग्रता बनाना और फोकस करना मुश्किल होता है। वे सीखना चाहते हैं की ध्यान को भटकने से कैसे रोका जाये और फोकस कैसे बढ़ाया जाये।

एकाग्रता का अर्थ, अपने ध्यान पर नियंत्रण है। यह किसी  विषय, वस्तु, या विचार पर मन को केंद्रित करने की क्षमता है, और साथ ही अन्य विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं को मन से बाहर रखना है।

साधारण शब्दों में जाने तो फोकस किसी कार्य पर अपनी रुचि या गतिविधि को केंद्रित करना है। एक चीज़ पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, आवश्यक रूप से कई अन्य चीज़ों को नज़रअंदाज़ करना होगा, ध्यान केंद्रित या फोकस तभी हो सकता है, जब हम एक विकल्प को चुने और अन्य सभी विकल्पों को ना कहें, यह हिस्सा ज्यादातर के लिए मुश्किल हिस्सा है।

फोकस के लिए स्थायी तौर पर अन्य विचारों को ना कहने की आवश्यकता नहीं है, इसके लिए वर्तमान में ना कहने की आवश्यकता होती है। वर्तमान क्षण में फोकस की आवश्यकता है, इसलिए केवल एक ही काम करें। फोकस उत्पादकता की चाबी है क्योंकि अन्य विकल्प को ना कहने से सिर्फ उसी एक कार्य को करने की हमारी क्षमता बढ़ जाती है।

इससे पहले की हम जाने कि अपने फोकस या एकाग्रता को कैसे बढ़ाएं, आइये जानते हैं कि वे कौन से  कारक हैं, जो एकाग्रता को प्रभावित करते हैं।

एकाग्रता को प्रभावित करने वाले कारक 

अपर्याप्त नींद – नींद की कमी से सतर्कता कम हो सकती है, सोचने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और एकाग्रता कम हो सकती है। ध्यान केंद्रित करने में अधिक कठिनाई होती है । जिस वजह से तर्क या तर्क से संबंधित कार्यों को करने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। लम्बे समय तक पर्याप्त नींद न लेने से एकाग्रता और याददाश्त  प्रभावित होती है।

पर्याप्त शारीरिक गतिविधि की कमी  – व्यायाम हमें पूरे दिन ऊर्जावान बनाये रखता है। जब हम शारीरिक गतिविधि नहीं करते हैं, तो मांसपेशियां सख्त हो सकती हैं, जिस वजह से गर्दन, कंधे में जकड़न महसूस कर सकते हैं और हम स्वस्थ्य महसूस नहीं करते है। इस तरह की बेचैनी एकाग्रता को प्रभावित करती है।

खान पान – हमारे खान पान का प्रभाव हमारे मस्तिष्क के साथ साथ हमारी ऊर्जा पर भी पड़ता है। यदि हम अपने मस्तिष्क को उचित पोषक तत्व नहीं देते हैं, तो याददाश्त की कमी, थकान और एकाग्रता की कमी जैसे लक्षण पैदा हो सकते हैं, जो फोकस को कम कर सकते हैं क्योंकि मस्तिष्क को कुछ आवश्यक फैटी एसिड की आवश्यकता होती है। गलत आहार मस्तिष्क को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान नहीं करता है, जिससे एकाग्रता प्रभावित होती है।

आस पास का वातावरण–  पर्यावरण भी फोकस को प्रभावित करता है। बहुत अधिक शोर ध्यान केंद्रित करने में बाधा बनता है, लेकिन कई लोगों को वातावरण शांत होने पर भी ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। केवल शोर का स्तर नहीं बल्कि शोर का प्रकार मायने रखता है। बहुत तेज या बहुत कम प्रकाश दृष्टि को प्रभावित करती है, इसी प्रकार बहुत गर्म या बहुत ठंडा कमरा भी असुविधा पैदा करता है। 

एकाग्रता बढ़ाने के कुछ तरीके

1. विकर्षणों (Distractions) को दूर करें – यदि हमारे काम करने के समय के बीच कई सूचनाएँ हमारा ध्यान भटकाती रहेंगी तो हम ठीक से काम को नहीं कर पाएंगे। किसी विशिष्ट कार्य या गतिविधि को करने के लिए अपने शेड्यूल में समय को ब्लॉक करने की कोशिश करें। इस समय के दौरान, कोशिश करें कि कोई आपको परेशान ना करे।  

सोशल मीडिया और अन्य ऐप्स को बंद करें और अपने फोन से भी दूर रहें। आपका मुख्य ध्यान आपको जो करना है, उस पर होना चाहिए। आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की डिस्टर्बेंस को बंद करने से ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।

2. एक वक्त पर एक काम करने की कोशिश करें – एक ही समय में कई गतिविधियों को करने का प्रयास हमें उत्पादक महसूस कराता है, लेकिन वास्तव में यह कम फोकस, खराब एकाग्रता और कम उत्पादकता का कारण बनता है। मल्टीटास्किंग न केवल ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बाधित करती है, बल्कि यह काम की गुणवत्ता पर भी प्रभाव डालती है।

3. काम के बीच में छोटा ब्रेक लें –  जब हम किसी चीज़ पर लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करते हैं, तो ध्यान कम होना शुरू हो सकता है। कार्य पर अपना ध्यान बनाये रखने में कठिनाई महसूस हो सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि अपना ध्यान कहीं और केंद्रित करके बहुत छोटे ब्रेक लेने से उसके बाद मानसिक एकाग्रता में सुधार होता है। इस ब्रेक का उपयोग टहलने के लिए करें और अपने दिमाग को ताज़ा  करने के लिए प्रकृति के साथ कुछ समय बिताएं। डिजिटल उपकरणों से दूर रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि वे दिमाग को और अधिक तनाव देते हैं।

4. मेडिटेशन और माइंडफुलनेस का अभ्यास करें–  माइंडफुलनेस और मेडिटेशन के अभ्यास से मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होता है, ध्यान केंद्रित करने और एकाग्रता बनाने में सुधार होता है। मेडिटेशन प्रक्रिया के दौरान हमारा मस्तिष्क शांत हो जाता है। मेडिटेशन करते समय अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, ताकि अपने मन को विचलित होने से रोक सकें।

5. पर्याप्त नींद लें – रात को पर्याप्त नींद ना लेने से दिन में एकाग्रता बनाने में कठिनाई होती है। कई कारक नींद को प्रभावित करते हैं। सबसे आम में से एक कंप्यूटर, फोन, जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस पर पढ़ना या सोने से ठीक पहले एलईडी टीवी देखना है। शोध से पता चला है कि ऐसे  डिवाइसेस की रोशनी आंखों के रेटिना को स्टिमुलेट करती है और मेलाटोनिन के स्राव को रोकती है, जो नींद आने में मदद करते है। नींद में सुधार करने के लिए दिन में व्यायाम करें, पूरे दिन हाइड्रेटेड रहें, सोने के लिए एक शेड्यूल बनाना शामिल है।

6. मस्तिष्क को प्रशिक्षित करें – एकाग्रता को बढ़ाने के लिए मस्तिष्क प्रशिक्षण गतिविधियों को अपनाएं। मस्तिष्क प्रशिक्षण खेल एकाग्रता बढ़ाने, याददाश्त तेज़ करने के साथ-साथ समस्या को सुलझाने के कौशल को विकसित करने में मदद करते हैं। ऐसे खेलों के उदाहरणों में क्रॉस वर्ड, जिग्सॉ पज़्ज़ल सुडोकू, चैस इत्यादि गेम शामिल हैं।

7. व्यायाम करें –  दिन की शुरुआत व्यायाम से करें और अपने शरीर को गतिशील बनाएं।  नियमित व्यायाम याददाश्त और एकाग्रता को बढ़ाता है। शोध में पाया गया कि व्यायाम मस्तिष्क के डोपामाइन, नॉरपेनेफ्रिन और सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है और ये सभी एकाग्रता को प्रभावित करते हैं। शारीरिक गतिविधि मांसपेशियों को आराम देने और तनाव को दूर करने में मदद करती है।

8. पौष्टिक आहार खाएं – स्वस्थ आहार लेने से स्वस्थ शरीर का निर्माण होता है और स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मन का विकास होता है। आहार में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करें, ऊर्जा बनाए रखें और मस्तिष्क को ऊर्जा दें। फल, सब्जियां और उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा के स्तर को समान रखते हैं। बहुत ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों को कम लें ये ब्लड शुगर के स्तर में स्पाइक और गिरावट का कारण बनते हैं, जिससे चक्कर या नींद आती है।

दिमाग को ठीक से काम करने के लिए स्वस्थ फैट की जरूरत होती है। नट्स इत्यादि स्वस्थ फैट प्रदान करते हैं। अनुसंधान में पाया गया है कि ब्लूबेरी जैसे खाद्य पदार्थ एकाग्रता और स्मृति को बढ़ाने के साथ साथ ध्यान केंद्रित करने और सीखने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करते है। पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में पोटैशियम होता है जो न्यूरॉन्स के बीच कनेक्शन को तेज करता है और हमारे दिमाग को अधिक प्रतिक्रियाशील बनाता है।

9. कुछ समय प्रकृति के साथ बिताएं  – शोध में पाया गया है कि ऑफिस स्पेस में पौधे लगाने से भी एकाग्रता और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलती है। पार्क में टहलने के लिए समय निकालना या बगीचे में पौधों या फूलों के साथ कुछ समय बिताना एकाग्रता को बढ़ाता है और तरोताजा महसूस कराता है।

10. सॉफ्ट संगीत सुनना-  संगीत का हमारे दिमाग पर चिकित्सीय प्रभाव पड़ता है। हल्का संगीत बेहतर ध्यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है, लेकिन कुछ प्रकार का संगीत विचलित करता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि शास्त्रीय संगीत और प्रकृति की आवाज़, जैसे कि पानी बहने की आवाज़  इत्यादि एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है, जबकि गीत विचलित कर सकते है।

जीवन में सफल होने के लिए काम पर ध्यान केंद्रित करना सीखना आवश्यक है। एकाग्रता में सुधार करके हम जो करना चाहते हैं उसे हासिल कर सकते हैं। यह केवल कार्यों को पूरा करने के लिए ही नहीं बल्कि आनंद और खुशी प्राप्त करने के लिए भी है।

Kusum Kaushal
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