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माइंडफुलनेस क्या है?

यह एक मानसिक स्थिति है, जिसमें “अभी” (present ) पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित किया जाता है, ताकि मूल्यांकन (judgment ) किये बिना अपने विचारों, भावनाओं और संवेदनाओं को स्वीकार कर सकें। माइंडफुलनेस मेडिटेशन एक मानसिक प्रशिक्षण का अभ्यास है, जो हमें तेज़ी से भागते हुए विचारों को धीमा करना, नकारात्मकता को दूर करना , मन और शरीर दोनों को शांत करना सिखाता है।

माइंडफुलनेस तकनीक अलग-अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य तौर पर, माइंडफुलनेस मेडिटेशन में सांस लेने का अभ्यास व् शरीर और दिमाग के बारे में जागरूकता शामिल है। शुरू करने के लिए, बस आरामदायक जगह, 5 मिनट का समय और एक निर्णय-मुक्त मानसिकता चाहिए।

कैसे शुरू करें

माइंडफुलनेस मैडिटेशन का स्वयं अभ्यास करना आसान है, यदि आप विशिष्ट स्वास्थ्य कारणों से मैडिटेशन का अभ्यास कर रहे हैं ,तो आप एक शिक्षक की मदद ले सकते हैं, यहां कुछ सरल उपाय दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप स्वयं शुरुआत कर सकते हैं।

मैडिटेशन का समय निर्धारित करें -आप सुबह या सोने से पहले का समय या अगर आपका जीवन बहुत अधिक व्यस्त है और आपके पास बहुत कम समय है, जब आपको थोड़ा समय मिलता है, तो आप कर सकते हैं। दिन में कोई भी वक्त निर्धारित कर सकते हैं। हर दिन माइंडफुलनेस मैडिटेशन का अभ्यास करने के लिए समय निकालें। 

सहज हो जाइए – शांत और आरामदायक जगह चुने। कुर्सी पर या पालती मारकर फर्श पर बैठ सकते हैं ,स्पाइन को एक दम सीधा रखें। आरामदायक, ढीले कपड़े पहनना उचित है ताकि आप विचलित न हों।

श्वास पर ध्यान दें – सांस के अंदर लेने और बाहर निकालने पर ध्यान दें। सांस अंदर लेते वक्त अपने पेट के फूलने और बाहर निकालते वक्त पेट के अंदर की तरफ जाने का अनुभव करें और हवा को नाक से अंदर लें और मुंह से बाहर छोड़ दें। इस प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करें।

एक बार जब आप अपनी श्वास पर एकाग्र हो जाते हैं , तो उसके बाद अपना ध्यान केंद्रित करना शुरू करें। आस पास की ध्वनियों, संवेदनाओं और अपने विचारों से अवगत (aware )रहें।

जब आप तैयार हों, तो टकटकी लगाकर सामने किसी भी वास्तु को देखें जैसे आप उसे पहली बार देख रहे हों उसके रंग और आकार को देखें। पर्यावरण में किसी आवाज़ को नोटिस करें। ध्यान दें कि अब आपका शरीर कैसा महसूस कर रहा है। अपने विचारों और भावनाओं पर ध्यान दें। 

प्रत्येक विचार या संवेदना को अच्छा या बुरा जज किये बिना शामिल होने दें जब मन में विचार आएं, तो उन्हें अनदेखा या दबाएं नहीं। बस शांत रहें। यदि आपका मन दौड़ने लगता है, तो अपना ध्यान अपनी श्वास पर फिर से केंद्रित करें और फिर सचेत हो जाएँ।

बस इस स्थिति का पांच मिनट के लिए आनंद लें। यह बेसिक माइंडफुलनेस मेडिटेशन है। 

अपने दैनिक जीवन में माइंडफुलनेस

माइंडफुलनेस आपको वर्तमान में रहने और अपने जीवन में पूरी तरह से भाग लेने में मदद करता है।जब हम माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास करते हैं, तो यह हमें रोजमर्रा के जीवन में माइंडफुलनेस लाने के तरीकों को खोजने में मदद करता है- खासकर तब जब हम जीवन में बहुत ही व्यस्त होते है। माइंडफुलनेस मेडिटेशन एक तकनीक है, हमें रोजमर्रा की गतिविधियों और कार्यों से माइंडफुलनेस अभ्यास के लिए काफी अवसर मिलते हैं।

माइंडफुलनेस न केवल वर्तमान में की जा रही गतिविधि / अनुभव को बढ़ाता है, बल्कि यह हमें अतीत में या भविष्य में वापस जाने के बजाय अभी के समय में उपस्थित रहने में मदद करता है।

आप अनौपचारिक माइंडफुलनेस का अभ्यास अपने रोज़मर्रा के कार्य करते हुए भी कर सकते हैं।आप किसी भी कार्य या क्षण का चयन कर सकते हैं, चाहे आप खाना खा रहे हों, स्नान कर रहे हों, घूम रहे हों, या बच्चों के साथ खेल रहे हों।

  • अपने शरीर में संवेदनाओं (sensations )पर ध्यान देकर शुरू करें
  • अपनी नाक के माध्यम से गहरी साँस लें। 
  • अब अपने मुंह से सांस बाहर निकालें। 
  • प्रत्येक साँस के अंदर लेने और साँस को बाहर छोड़ने पर ध्यान केंद्रित करें। 
  • कार्य में धीरे-धीरे और पूर्ण ध्यान के साथ आगे बढ़ाएं।
  • अपनी इंद्रियों को पूरी तरह से व्यस्त करें। प्रत्येक स्पर्श ,दृष्टि और ध्वनि पर ध्यान दें ताकि आप हर अनुभूति को महसूस कर सकें। 
  • अगर आपका दिमाग भटक रहा है, तो धीरे-धीरे अपना ध्यान वापस उस कार्य पर केंद्रित करें।

माइंडफुलनेस और मेडिटेशन के बीच अंतर

माइंडफुलनेस एक गुण है, मेडिटेशन एक अभ्यास है

मेडिटेशन एक अभ्यास है, और इस अभ्यास के माध्यम से व्यक्ति विभिन्न गुणों को विकसित कर सकता है, जिसमें माइंडफुलनेस शामिल है।

माइंडफुलनेस जीवन जीने के एक विशिष्ट तरीके का वर्णन करता है, जिसे अभ्यास के माध्यम से बढ़ाया जा सकता है।  meditative practices की एक श्रेणी है, जिसे “माइंडफुलनेस मेडिटेशन” कहा जाता है, जो अभ्यास करने वाले को माइंडफुलनेस के साथ रहने और कार्य करने में मदद करता है। meditative practices की कई श्रेणियां हैं, जिनमें से माइंडफुलनेस केवल एक है। 

मैडिटेशन ,माइंडफुल लिविंग के कई रास्तों में से एक है

मैडिटेशन एक ऐसी विधि है जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति माइंडफुल जीवन जीना सीखता है। मैडिटेशन, माइंडफुलनेस को विकसित करने का एक साधन है। 

मैडिटेशन लोगों को अपने रोज़मर्रा के कार्यों को अधिक कुशलता से करने में मददगार साबित होता है। जो लोग व्यवस्थित रूप से और अनुशासन के साथ माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास करते हैं, वे अपने रोजमर्रा के जीवन में ध्यानपूर्वक कार्य करने में सक्षम होते हैं 

मैडिटेशन, माइंडफुलनेस का बीज बोने का एक तरीका है ताकि वे हमारे जीवन में विकसित रहे ।

माइंडफुलनेस का उपयोग चिकित्सा के लिए किया जाता है, जहाँ मैडिटेशन की जरूरत नहीं होती है

माइंडफुलनेस के कई मानसिक स्वास्थ्य लाभ हैं और  इसे अन्य कई सकारात्मक विशेषताओं से जोड़ा गया है – जैसे कि आत्म-सम्मान और आत्म-स्वीकृति

माइंडफुलनेस का औपचारिक और अनौपचारिक दोनों रूप से अभ्यास किया जा सकता है

मेडिटेशन केवल औपचारिक रूप से किया जाता है ,इसे करना थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि इसे शांतिपूर्ण बैठकर अभ्यास किया जाता है। 

औपचारिक मेडिटेशन का अभ्यास, एक निर्दिष्ट अवधि के लिए बैठकर, दुनिया की व्यस्तता को भूलकर किया जाता है। 

इसके कई गुणों के बावजूद, कई लोग औपचारिक मेडिटेशन अभ्यास में संलग्न नहीं होना चाहते वे अपने रोजमर्रा के जीवन में रहना चाहते हैं।

सौभाग्य से, माइंडफुलनेस का अभ्यास करने के कई अनौपचारिक तरीके हैं, जैसे कि माइंडफुल ईटिंग, माइंडफुल वॉकिंग या माइंडफुल बातचीत। माइंडफुलनेस का अभ्यास करने का अर्थ है अनौपचारिक रूप से रोजमर्रा की गतिविधियों में माइंडफुल होने के इरादे से जुड़ना। 

इसमें ठहराव , ध्यान देना, निर्णय स्थगित करना, और वर्तमान क्षण में जो भी अनुभव हो रहा है उसमें पूरी तरह से शामिल होना शामिल है। 

माइंडफुलनेस मेडिटेशन का केवल एक पहलू है

माइंडफुलनेस मेडिटेशन अभ्यास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अन्य कारक भी हैं जो मेडिटेशन को विशेष बनाते हैं।

मेडिटेशन का एक अन्य महत्वपूर्ण गुण एकाग्रता है। जिसमे मन को बाहरी उत्तेजनाओं से वंचित किया जाता है, मन हज़ारों अप्रत्याशित स्थानों पर भटक सकता है। जब मन भटक रहा है, तो मेडिटेशनअभ्यास पर ध्यान बनाए रखना मुश्किल होता है।

मन को ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रशिक्षित करना सफल और पूर्ण मेडिटेशन और जीवन में माइंडफुलनेस को सरल बनाता है।

माइंडफुलनेस का अभ्यास करने के लाभ

अध्ययन बताते हैं, कि माइंडफुलनेस न सिर्फ हमारे दिमाग को बल्कि शरीर को भी फायदा पहुंचाता है। 

1.माइंडफुलनेस हमारी प्रतिरक्षा (इम्यून ) प्रतिक्रिया में सुधार कर सकता है

जब हमारा शरीर वायरस और अन्य रोग पैदा करने वाले जीवों का सामना करता है ,तब शरीर रक्त प्रवाह में मौजूद प्रतिरक्षा कोशिकाओं को इनसे लड़ने के लिए बाहर भेजता है । शोध में पाया गया है, कि माइंडफुलनेस इन बीमारियों से लड़ने वाली कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है।

कई अध्ययनों में पाया गया कि एचआईवी या स्तन कैंसर के रोगियों में टी-सेल या टी-सेल गतिविधि के स्तर को बढ़ाने के लिए माइंडफुलनेस मेडिटेशन सफल रहा। इससे पता चलता है कि माइंडफुलनेस कैंसर और अन्य बीमारियों से लड़ने में विशेष भूमिका निभा सकता है। यह प्रतिरक्षा कोशिकाओं को बढ़ाता है।

माइंडफुलनेस मेडिटेशन हमारी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के माध्यम से रोग से लड़ने वाली शक्तियों को बढ़ा सकता है।  

2.माइंडफुलनेस हमारे दिल के स्वास्थ के लिए अच्छा है

एक अध्ययन में उच्च रक्तचाप वाले लोगों को नियुक्त किया गया था, उनमे से कुछ को माइंडफुलनेस मेडिटेशन का एक कोर्स सिखाया गया था और कुछ को प्रोग्रेसिव  muscle relaxation  जिन लोगों ने माइंडफुलनेस सीखी, उनके सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में उन लोगों की तुलना में अधिक कमी आई, जिन्होंने प्रोग्रेसिव  muscle relaxation सीखी, उनका सुझाव था कि माइंडफुलनेस ब्लड प्रेशर को कम लाकर दिल की बीमारी के खतरे से बचाने में मदद कर सकता है।

3.माइंडफुलनेस cell एजिंग को कम कर सकता है

सेल की उम्र बढ़ना स्वाभाविक होता है ,क्योंकि कोशिकाएं बार-बार जीवनकाल में विभाजित होती हैं और बीमारी या तनाव से भी बढ़ सकती हैं। टेलोमेरेस नामक प्रोटीन, जो क्रोमोसोम्स की सीमा में पाए जाते हैं ,सेल्स की उम्र बढ़ने से  रोकने का काम करते हैं, यह माइंडफुलनेस मेडिटेशन से प्रभावित होते हैं।

4.तनाव को कम करता है  –कई अध्ययनों से पता चलता है कि माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास करने से तनाव कम होता है। 

5. चिंता, नकारात्मक प्रभाव और भावनात्मक प्रतिक्रिया ( emotional reactivity ) में कमीशोधकर्ताओं ने पाया माइंडफुलनेस मेडिटेशन से तनाव में कमी होती है , माइंडफुलनेस मेडिटेशन अभ्यास से लोगों को भावनात्मक रूप से परेशान करने वाले विचारों से विमुख होने में मदद मिलती है। 

माइंडफुलनेस मेडिटेशन ध्यान केंद्रित करने और विचलित करने वाले विचारों को दबाने की क्षमता को बढ़ाता है। जो व्यक्ति माइंडफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास करते है, उनमें ज्यादा जागरूकता और उच्च विचारशीलता होती है ,और विभिन्न सामाजिक स्थितियों में स्वयं को व्यक्त करने की अधिक क्षमता होती है।

Kusum Kaushal
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